मुकेश कुमार सिंह  AUTHOR IMG 0800

मुकेश कुमार सिंह

पिछले 26 साल से मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं।  अख़बारों और टेलीविज़न न्यूज़ चैनल्स में विभिन्न पदों पर काम करने के बाद इन दिनों स्वतंत्र स्तम्भकार के रूप में सक्रिय हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र की पत्रकारिता को शीर्षस्थ स्तर पर करने का इन्हें व्यापक अनुभव है। मुकेश को सियासत और प्रशासन की नब्ज़ पकड़ने में महारत हासिल है। बेबाक़ी से अपनी बात रखना इनकी बड़ी ख़ासियत है। ये अपने दौर की तमाम बड़ी ख़बरों के चश्मदीद रिपोर्टर रहे हैं। कई बार इन्होंने जान का जोखिम उठाते हुए भी अपने काम को बखूबी अंज़ाम दिया है। पत्रकारिता की कई यादगार कवरेज़ इनके खाते में हैं। इन्होंने देश में सबसे ऊँचे स्तर तक रिपोर्टिंग की है। फिर चाहे बात संसद की हो या आला मंत्रालयों और राजनीतिक दलों की या सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग जैसे शीर्षस्थ संस्थाओं की। ये कई बार प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के साथ मीडिया प्रतिनिधिमंडल के तौर पर विदेश दौरे भी कर चुके हैं। मुकेश लम्बे समय से भारत सरकार के मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं।

1990 में नवभारत टाइम्स, दिल्ली से पेशेवर पत्रकारिता का सफ़र आरम्भ किया। फिर राष्ट्रीय सहारा, दिल्ली; स्वतंत्र भारत, लखनऊ; नवभारत टाइम्स, लखनऊ और राजस्थान पत्रिका के लिए जयपुर और उदयपुर में काम किया। 1996 में देश के पहले टीवी न्यूज़ चैनल टीवीआई में पहुँचे। इन्होंने थोड़े समय के लिए आज तक में भी काम किया। फिर स्टार प्लस पर प्रसारित होने वाले ‘आज की बात’ के लिए काम किया। वहाँ से ज़ी न्यूज़, दिल्ली; स्टार न्यूज़, मुम्बई और जनमत चैनल, दिल्ली के लिए काम करने के बाद दोबारा ज़ी न्यूज़ में पहुँचे। जुलाई 2015 से स्वतंत्र स्तम्भकार के रूप में लेखनरत हैं।

मुकेश कुमार सिंह की उम्र 50 साल है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से इन्होंने स्नातक और क़ानून की शिक्षा हासिल की। पत्रकारिता की शुरुआत टाइम्स सेंटर फ़ॉर मीडिया स्टडीज़ ये हुई, जो टाइम्स ऑफ़ इंडिया समूह का आन्तरिक प्रशिक्षण केन्द्र था। मूलतः बिहार के मधुबनी ज़िले के रहने वाले मुकेश का परिवार इलाहाबाद में बस गया। बाद में रोज़गार ने इन्हें दिल्लीवासी बना दिया। इनकी प्रारम्भिक शिक्षा इलाहाबाद और अविभाजित उत्तर प्रदेश के गढ़वाल में हुई।