Category: POLITICAL

ऑपरेशन बालाकोट में ग़लत ‘सूत्रों’ के भरोसे ही रहा भारतीय मीडिया

मैं तीन दशक से पेशेवर पत्रकार हूँ। कई बड़े और प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग की।...

Read More

सिन्धु का पानी तो भारत सिर के बल खड़े होकर भी नहीं रोक सकता!

प्रधानमंत्री होने के नाते नरेन्द्र मोदी को अच्छी तरह से मालूम था कि पाकिस्तान के हिस्से वाले सिन्धु के पानी को रोकना तक़रीबन नामुमकिन है। सच्चाई तो ये है कि 1960 में दोनों पड़ोसियों के बीच हुए सिन्धु नदी जल समझौते के मुताबिक़, भारत को जो 20 फ़ीसदी पानी मिला था, उसके दोहन के लिए भी हम आज तक कोई ख़ास इन्तज़ाम नहीं कर पाये।

Read More

ग़रीब सवर्णों को आरक्षण: इस लॉलीपॉप से भी मोदी सरकार का भला नहीं होगा

ताज़ा विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी को लेकर सवर्ण हिन्दुओं में ये धारणा फैलने लगी कि मोदी सरकार के जाने का वक़्त आ गया और इसने न तो राम मन्दिर को लेकर अपना वादा निभाया और ना ही आरक्षण को लेकर। सवर्णों के ऐसे आक्रोश को देखते हुए ही बीजेपी के पैरों तले ज़मीन खिसकने लगी है। पार्टी को इसका भरपूर आभास भी हो रहा है। इसीलिए ‘ग़रीब सवर्णों को आरक्षण’ के ज़रिये मोदी सरकार ने तुरुप का पत्ता फेंका है! सरकार ने अब भागते भूत की लंगोटी के रूप में सवर्ण आरक्षण के लॉलीपॉप को आज़माने की जुगत निकाली है।

Read More

भगवा ख़ानदान ने हनुमान जी का हाल ‘ग़रीब की लुगाई’ जैसा बना दिया!

वो 27 नवम्बर 2018 का मनहूस दिन था, जब हिन्दू वोटरों को साम्प्रदायिक आधार पर लामबन्द करने के लिए अलवर पधारे अजय सिंह बिष्ट ने हनुमान जी की विशेषता से सबको अवगत करवाया। इसके बाद तो भगवा ख़ानदान में निठल्लों के बीच हनुमान पर शोध करने की होड़ मच गयी।

Read More

मोदी राज की दास्तान-ए-एम्स: ‘लफ़्फ़ाज़ी से शुरू, लफ़्फ़ाज़ी पे ख़त्म!’

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी शायद ही याद हो कि वो बीते साढ़े चार साल में देश में कितने एम्स...

Read More

अब भारत से EVM का अलविदा होना ज़रूरी है!

EVM के पक्ष में दलील भी थी कि इससे मतपत्र वाले काग़ज़ों की भारी बचत होती है। लेकिन अब साफ़ दिख रहा है कि ये बचत भारतीय लोकतंत्र के लिए काफ़ी भारी पड़ी है।

Read More

जनाब झूठली साहब और नोटबन्दी का पंचनामा!

ज़रा समझिए कि जिन 17.42 लाख मगरमच्छों और घड़ियालों को पकड़ने के लिए नोटबन्दी के ज़रिये, जिस नदी या सागर को ही सुखाने का फ़ैसला लिया गया, उसमें 130 करोड़ भारतीय नागरिक या जीव-जन्तु पल रहे थे। ग़लत नीति की वजह से मगरमच्छ तो पानी से निकलकर तटों पर जा छिपे, लेकिन 129.82 करोड़ भारतवासियों का जीना मुहाल हो गया। अरे, इतना बड़ा मूर्ख तो पाग़ल बादशाह मोहम्मद बिन तुग़लक़ भी नहीं था!

Read More

Facebook Updates

[custom-facebook-feed]